March 12, 2026
JAMSHEDHPUR

केन्द्र सरकार की ओर से कॉमर्शियल गैस आपूर्ति को अस्थायी रूप से बंद रखने के आदेश के बाद जमशेदपुर औद्योगिक क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों में हाहाकर मच रहा है. सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने औद्योगिक इकाइयों में कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति में आ रही बाधा को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है।चैम्बर अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि जमशेदपुर व आदित्यपुर क्षेत्र पूर्वी भारत के अहम औद्योगिक केन्द्रों में से एक है, जहां बड़ी संख्या में  सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग संचालित हो रहे हैं। इन उद्योगों में कई इकाइयां अपने उत्पादन कार्यों जैसे वेल्डिंग, ब्रेजिंग, मेटल कटिंग, फोर्जिंग, हीट ट्रीटमेंट, कास्टिंग तथा अन्य इंजीनियरिंग प्रक्रियाओं के लिए वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भर हैं।

उन्होंने कहा कि देश में एलपीजी की खपत करीब 31 मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष है, जिसमें से लगभग 84-87 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ताओं के उपयोग किया जाता है, जबकि केवल 13-16 प्रतिशत ही वाणिज्यिक व औद्योगिक क्षेत्र में प्रयोग होता है. ऐसे में उद्योगों के लिए सीमित मात्रा में एलपीजी की सुनिश्चित आपूर्ति करने से घरेलू आपूर्ति पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन इससे औद्योगिक उत्पादन प्रभावित होने से बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र झारखंड का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है, जो लगभग 3200 हेक्टेयर में फैला हुआ है और जहां 1200 से अधिक औद्योगिक इकाइयां संचालित हो रही हैं. ये इकाइयां प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से एक लाख से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करती हैं व ऑटोमोबाइल व इंजीनियरिंग उद्योगों की आपूर्ति श्रृंखला भाग है।

चैम्बर के महासचिव पुनीत कावंटिया ने कहा कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया तो इसका सीधा असर औद्योगिक उत्पादन, आपूर्ति श्रृंखला और स्थानीय रोजगार पर पड़ेगा. चैम्बर उपाध्यक्ष हर्ष बाकरेवाल ने कहा कि हाल के दिनों में घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के निर्देशों के कारण कई औद्योगिक इकाइयों को वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. इसके परिणामस्वरूप अनेक इकाइयों को अस्थायी रूप से उत्पादन कम करना पड़ रहा है या कार्य बंद करने की स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिससे उद्योगों के साथ-साथ हजारों श्रमिकों की आजीविका भी प्रभावित हो सकती है।

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