उत्तरी सिक्किम के लाचेन में भारी भूस्खलन और बर्फबारी के कारण लगभग १,६०० पर्यटक फंस गए हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन हिमसेतु’ शुरू किया है। ५ अप्रैल २०२६ को लाचेन और मंगन को जोड़ने वाली मुख्य सड़क भूस्खलन की चपेट में आ गई थी, जिसके बाद ७ और ८ अप्रैल को हुई भीषण बर्फबारी ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया। प्रतिकूल मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद, सेना की त्रिशक्ति कोर के जवान फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने और उन्हें भोजन व चिकित्सा सहायता प्रदान करने में जुटे हुए हैं।
बचाव अभियान की गति खराब मौसम के कारण धीमी है और अब तक केवल सीमित संख्या में ही पर्यटकों को निकाला जा सका है। सेना ने वैकल्पिक मार्गों को सक्रिय किया है, हालांकि १७,९०० फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित ‘दोंगखा ला पास’ जैसे रास्ते अत्यधिक दुर्गम और लंबे हैं। ज्ञात हो कि लाचेन को २ साल के लंबे अंतराल के बाद मार्च में ही पर्यटकों के लिए खोला गया था, लेकिन इस प्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा के लिए चुनौती पेश कर दी है। प्रशासन ने पर्यटकों को सलाह दी है कि वे स्थिति सामान्य होने तक सेना और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।
