टाटा स्टील की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड पूरी तरह से टाटा स्टील में विलय होगी. वहीं टाटा स्टील टी स्टील हॉल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड में 18,488.10 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. टाटा स्टील ने इसके बारे में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया को फाइलिंग कर इसकी जानकारी दे दी है। सोमवार को टाटा स्टील की बोर्ड मीटिंग हुई जिसमें कंपनी को नई गति देने के उद्देश्य से तीन अलग-अलग बिन्दुओं पर मुहर लगायी गई. बैठक में निर्णय लिया गया कि नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड का टाटा स्टील में विलय किया जाएगा. वहीं बोर्ड ने नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (एनआईएनएल), टाटा स्टील और उनके संबंधित शेयरधारकों के बीच विलय योजना को मंजूरी दे दी है।
विदित हो कि 4 जुलाई, 2022 को टाटा स्टील ने अपनी पूर्ववर्ती सहायक कंपनी टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट्स (टीएसएलपी) के माध्यम से ओडि़शा स्थित नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (एनआईएनएल) का 12,100 करोड़ रुपये में अधिग्रहण पूरा किया था. टाटा स्टील बोर्ड ने मणिपाल हॉस्पिटल्स ईस्टर्न इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से मेडिका टीएस हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड (मेडिका टीएस हॉस्पिटल) में 1.49 करोड़ रुपये में हिस्सेदारी के अधिग्रहण को भी मंजूरी दे दी है. टाटा स्टील की ओर से आधिकारिक जानकारी दी गई कि एनआईएएल के विलय की प्रक्रिया कंपनीज एक्ट के प्रावधान के तहत किया जाएगा. एनआईएनएल के विलय का उद्देश्य कंपनी की कार्यक्षमता बढ़ाना व इंफ्रास्ट्रक्चर को सरल बनाना है। टाटा स्टील की बोर्ड मीटिंग में वित्त वर्ष 2027 से शुरू होने वाले एक या अधिक किस्तों में टी स्टील होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड (टीएसएचपी) के इक्विटी शेयरों की सदस्यता के माध्यम से करीब 2 अरब अमेरिकी डॉलर (18,488.10 करोड़ रुपये) के निवेश को मंजूरी दी गई।
टाटा स्टील ने तीसरे बड़े फैसले में मणिपाल हॉस्पिटल्स ईस्टर्न इंडिया से मेडिका टीएस हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड (मेडिका टीएस हॉस्पिटल) में निम्नलिखित प्रतिभूतियों के 1.49 करोड़ रुपये के कुल मूल्य पर अधिग्रहण को भी मंजूरी दी. टाटा स्टील मणिपाल हॉस्पिटल ईस्टर्न इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से 49 प्रतिशत इक्विटी श्ेयार व करीब 31.85 प्रतिशत प्रेफरेंस शेयर खरीदेगी. इस प्रक्रिया के पूरी होने के बाद मेडिका टीएस अस्पताल टाटा स्टील की शत प्रतिशत पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई बन जाएगी. टाटा स्टील का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत करना व ओडि़शा में स्थित कलिंगानगर में कर्मचारियों व आसपास के समुदाय के स्वास्थ्य की देखभाल करना भी है।
