पटना के डाक बंगला चौराहे पर सोमवार को उस वक्त रणक्षेत्र जैसा मंजर बन गया. जब अपने आश्रितों की बहाली की मांग को लेकर मार्च निकाल रहे सेवानिवृत्त दफादार चौकीदारों पर पुलिस ने जोरदार लाठीचार्ज कर दिया. कारगिल चौक से शुरू हुआ यह प्रदर्शन जैसे ही बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने लगा. पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ दिया. इस झड़प में कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए हैं.
पटना: बिहार की राजधानी पटना एक बार फिर विरोध प्रदर्शन और पुलिसिया कार्रवाई का गवाह बनी. सोमवार को अपनी पुरानी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे सेवानिवृत्त दफादार चौकीदारों पर पुलिस ने जोरदार लाठीचार्ज किया. डाक बंगला चौराहे पर हुए इस एक्शन के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया. इस झड़प में कई प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं. जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है. दरअसल, सेवानिवृत्त दफादार चौकीदार लंबे समय से अपने आश्रितों (बच्चों) की बहाली की मांग कर रहे हैं. इसी मांग को बुलंद करने के लिए सैकड़ों की संख्या में दफादार चौकीदारों ने पटना के कारगिल चौक से जेपी गोलंबर तक एक विशाल विरोध मार्च निकाला. प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ रहे थे, जिनका इरादा राजभवन या विधानसभा की ओर कूच करने का था. चौराहे पर पहुंचे. पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए मजबूत बैरिकेडिंग कर रखी थी. पुलिस अधिकारियों ने उन्हें आगे बढ़ने से मना किया. लेकिन अपने हक के लिए अड़े दफादार चौकीदार बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे. स्थिति को अनियंत्रित होते देख पुलिस ने पहले चेतावनी दी और फिर बल प्रयोग (लाठीचार्ज) शुरू कर दिया. देखते ही देखते सड़क पर भगदड़ मच गई. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़-खदेड़ कर पीटा. जिसमें कई बुजुर्ग चौकीदार जमीन पर गिर पड़े और उन्हें चोटें आईं.
