राज्य में बिजली व्यवस्था को आधुनिक व पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है. झारखंड राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (जेएसईबी) के जमशेदपुर सर्किल के जीएम इंजीनियर अजीत कुमार ने कहा कि मार्च 2027 तक जमशेदपुर में करीब 2.75 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दिशा में कार्य तेजी से जारी है और अब तक लगभग 70 से 75 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर परियोजना के तहत शहरी व अर्ध-शहरी क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा के साथ-साथ बिजली खपत की सटीक जानकारी मिल सके।
विभाग का प्रयास है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी उपभोक्ताओं को इस नई तकनीक से जोड़ा जाए. उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगने से उपभोक्ताओं को कई तरह के फायदे मिलेंगे, इसमें रियल टाइम में बिजली खपत की जानकारी, प्रीपेड व पोस्टपेड दोनों विकल्प, बिलिंग में पारदर्शिता व बिजली चोरी पर नियंत्रण शामिल है. इसके साथ ही मीटर रीडिंग के लिए मानव हस्तक्षेप की आवश्यकता भी काफी हद तक समाप्त हो जाएगी. उन्होंने रांची का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के लोगों में बिजली के प्रति जागरूकता अधिक देखने को मिल रही है. उपभोक्ता अपनी खपत पर नजर रख रहे हैं और बिजली का उपयोग भी अधिक जिम्मेदारी के साथ कर रहे हैं. इसी तरह की जागरूकता जमशेदपुर में भी विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
माना जा रहा है कि स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम से राजस्व संग्रह में सुधार होगा व लाइन लॉस को कम करने में मदद मिलेगी. साथ ही, किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या फॉल्ट का पता तत्काल चल सकेगा, जिससे शिकायतों के समाधान में भी तेजी आएगी. विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे स्मार्ट मीटर लगाने में सहयोग करें और नई तकनीक को अपनाकर बिजली के बेहतर उपयोग की दिशा में कदम बढ़ाएं. यह पहल न केवल उपभोक्ताओं के लिए सुविधाजनक होगी, बल्कि पूरे राज्य की बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
