एचडीएफसी बैंक के गैर-कार्यकारी चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया है, जिसके पीछे बैंक के एमडी और सीईओ शशिधर जगदीशन के साथ चल रहे गहरे ‘पावर स्ट्रगल’ और वैचारिक मतभेदों को मुख्य कारण बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, चक्रवर्ती ने बैंक के भीतर “नैतिक और मूल्यों से जुड़े मुद्दों” पर चिंता जताई थी, विशेष रूप से प्रबंधन की कार्यप्रणाली और सीईओ के कार्यकाल विस्तार जैसे रणनीतिक निर्णयों को लेकर दोनों के बीच असहमति थी। इस हाई-प्रोफाइल इस्तीफे के बाद बैंकिंग जगत में हलचल मच गई है और निवेशकों के बीच बैंक के भविष्य के नेतृत्व और कॉर्पोरेट गवर्नेंस को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, भारतीय रिजर्व बैंक ने अनुभवी बैंकिंग दिग्गज केकी मिस्त्री को तीन महीने के लिए अंतरिम चेयरमैन नियुक्त किया है ताकि बैंक के कामकाज में स्थिरता बनी रहे। इसके साथ ही, अतनु चक्रवर्ती द्वारा उठाए गए गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए बैंक ने ‘ट्राइलीगल’ और ‘वाडिया गांधी’ जैसी प्रतिष्ठित कानूनी फर्मों को नियुक्त किया है। इस आंतरिक विवाद की खबर का असर शेयर बाजार पर भी स्पष्ट रूप से देखा गया, जहाँ शुक्रवार को कारोबार के दौरान एचडीएफसी बैंक के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे बैंक के बाजार पूंजीकरण को काफी नुकसान पहुँचा है।
