February 7, 2026
aresth

राजगीर स्थित दिगंबर जैन धर्मशाला के एक कमरे से शुक्रवार को एक ही परिवार के चार लोगों के शव फंदे से लटके हुए मिले। कमरे से तेज दुर्गंध आने पर घटना का राजफाश हुआ। सूचना मिलते ही डीएसपी सुनील कुमार सिंह और थानाध्यक्ष रमण कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। दंडाधिकारी की मौजूदगी में दरवाजा तोड़ा गया, जहां एक पुरुष और तीन महिलाओं के शव फंदे से लटके मिले। शव अत्यधिक सड़ गल चुके थे।
मृतकों की पहचान बेंगलुरु निवासी जीआर नागा प्रसाद, उनकी मां जीआर सुमंगला तथा दो बहनें श्रुधा जीआर और शिल्पा जीआर के रूप में की गई है। कमरे से मिले आधार कार्ड कन्नड़ भाषा में हैं। पुलिस जांच में कई चौंकाने तीनों वाले तथ्य सामने आए हैं। महिलाओं के हाथ पीछे की ओर बंधे हुए थे, जबकि पुरुष के हाथ आगे
से बंधे पाए गए। सभी के मुंह पर लाल टेप चिपका हुआ था। कमरे से अवसाद की दवाइयां भी बरामद की गई हैं। इन तथ्यों के आधार पर पुलिस प्रथम दृष्टया सामूहिक आत्महत्या की आशंका जता रही है, हालांकि किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचने से इन्कार किया गया है। पुलिस को आशंका है कि पुरुष सदस्य ने पहले महिलाओं के हाथ बांधकर उन्हें फंदे से लटकाया और बाद में स्वयं आत्महत्या कर लो।
हालांकि यह केवल एक संभावित थ्योरी है, जिसकी पुष्टि पोस्ट‌मार्टम और फारेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। एफएसएल की टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और कमरे को सील कर दिया गया है। एसपी भारत सोनी ने बताया कि चारों शवों का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से कराया जाएगा। बेंगलुरु पुलिस से संपर्क किया गया है। चारों ‘लोग 31 जनवरी को नेपाल भ्रमण के बाद राजगीर पहुंचे थे।

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