मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच बिहार के भागलपुर जिले के एक इंजीनियर की दर्दनाक मौत की खबर सामने आई. भागलपुर के कहलगांव प्रखंड के रानिबिमिया गांव के रहने वाले देवनंदन प्रसाद सिंह की तेल टैंकर जहाज पर हुए हमले में मौत हो गई. वह अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनी में एडिशनल चीफ इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे और ‘सेफसी विष्णु’ नामक ऑयल टैंकर पर तैनात थे. मौत से पहले उनकी परिवार से आखिरी बार बातचीत हुई थी, जिसमें उन्होंने कहा कि- मैं समुद्र में हूं, ड्यूटी पर हूं. जानकारी के मुताबिक यह जहाज इराक के बसरा पोर्ट से अल जुबैर होते हुए सिंगापुर की ओर जा रहा था. इसी दौरान खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच जहाज पर हमला हुआ. बताया जा रहा है कि विस्फोटक से लदी एक आत्मघाती नाव या मिसाइल से टैंकर को निशाना बनाया गया, जिससे जहाज में आग लग गई और अफरा-तफरी मच गई. इस हमले में जहाज पर सवार एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जबकि बाकी चालक दल को सुरक्षित निकाल लिया गया. देवनंदन प्रसाद सिंह की मौत की खबर मिलते ही उनके गांव और परिवार में मातम छा गया. परिजनों के मुताबिक, घटना से कुछ समय पहले उनकी परिवार से आखिरी बार फोन पर बात हुई थी. उन्होंने कहा था कि “मैं समुद्र में हूं और ड्यूटी पर हूं, इसलिए ज्यादा देर बात नहीं कर सकता.” इसके बाद संपर्क नहीं हो सका. बाद में कंपनी की ओर से परिवार को संदेश मिला, जिसमें हादसे की जानकारी दी गई. कुछ समय बाद उनके निधन की पुष्टि कर दी गई. यह खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई.
देवनंदन प्रसाद सिंह के परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं. उनका बेटा जापान की एक निजी कंपनी में काम करता है, जबकि बेटी मेडिकल की तैयारी कर रही है. परिवार के लोग अब उनका पार्थिव शरीर भारत लाने की कोशिश में जुटे हुए हैं. इधर, इस घटना ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण वहां काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. वहीं गांव के लोग सरकार से मांग कर रहे हैं कि देवनंदन प्रसाद सिंह के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द उनके पैतृक गांव लाया जाए, ताकि पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जा सके.
