एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ नेफ्रोलॉजी एंड यूरोलॉजी (AINU) ने भुवनेश्वर में विशेष किडनी और यूरोलॉजी अस्पताल शुरू करके देशभर में अपने नेटवर्क का विस्तार किया है। यह देश में संस्थान का आठवां अस्पताल है। इसके साथ ही ओडिशा में उन्नत यूरो-नेफ्रोलॉजी सेवाओं तक मरीजों की पहुंच मजबूत होने की उम्मीद है।
13 वर्षों की विरासत और छह लाख से अधिक मरीजों के उपचार के अनुभव के साथ यह अस्पताल विशेष चिकित्सकीय विशेषज्ञता, आधुनिक मेडिकल तकनीक और विभिन्न चिकित्सा विभागों की संयुक्त उपचार सुविधाओं के जरिए किडनी और मूत्र संबंधी बीमारियों का व्यापक इलाज उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखता है।
यह विस्तार ऐसे समय में हुआ है, जब ओडिशा में किडनी संबंधी बीमारियों के बढ़ते बोझ को लेकर चिंताएं सामने आ रही हैं। इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च में प्रकाशित आईसीएमआर-इंडियाब (ICMR-INDIAB) अध्ययन में राष्ट्रीय अध्ययन आबादी के 3.2% लोगों में किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित पाई गई। वहीं, ओडिशा में इसका प्रसार 6% या उससे अधिक दर्ज किया गया। एक अन्य आईसीएमआर-एनआईएचआर (ICMR-NIHR) अध्ययन में ओडिशा के 14 जिलों के 53 आदिवासी समुदायों के 19,703 वयस्कों को शामिल किया गया था। इस अध्ययन में 24.8% प्रतिभागियों की किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित पाई गई।
अस्पताल में नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, यूरो-ऑन्कोलॉजी, किडनी ट्रांसप्लांट, डायलिसिस, पीडियाट्रिक यूरोलॉजी, एंड्रोलॉजी और रिकंस्ट्रक्टिव यूरोलॉजी जैसी सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके बुनियादी ढांचे में 12-स्टेशन वाली डायलिसिस यूनिट, तीन विशेष ऑपरेशन थिएटर, ड्यूल-लेजर तकनीक, 3डी लैप्रोस्कोपी, 32-स्लाइस सीटी स्कैनर और वीडियो यूरोडायनामिक्स सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा, जल्द ही एक विशेष रोबोटिक सर्जरी प्लेटफॉर्म भी शुरू किए जाने की योजना है।
AINU के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. मल्लिकार्जुन सी. ने कहा कि इस विस्तार से विशेष चिकित्सा उपचार मरीजों और उनके परिवारों के और करीब पहुंचेगा। वहीं, कंपनी के सीईओ संदीप गुडुरु ने कहा कि भुवनेश्वर की यह सुविधा पूर्वी भारत में संगठन के विस्तार की रणनीति में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
