प्रयोगशालाओं का किया भ्रमण, वैज्ञानिकों से संवाद कर विज्ञान एवं नवाचार की बारीकियों को समझा
जमशेदपुर। सीएसआईआर–राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल), जमशेदपुर की ओर से जिज्ञासा कार्यक्रम के अंतर्गत ब्लू बेल्स इंग्लिश स्कूल के कक्षा 10वीं एवं 11वीं के छात्रों के लिए एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 107 विद्यार्थियों, जिनमें 51 छात्राएं और 56 छात्र शामिल थे, ने प्रयोगशाला का दौरा किया। छात्रों के साथ पांच शिक्षक-शिक्षिकाएं भी मौजूद रहे। इनमें सुश्री काजल कुमारी एवं श्री निकेश कुमार शामिल थे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना और उन्हें खनिज, धातु एवं पदार्थ विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे अनुसंधान तथा नवाचार से परिचित कराना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने में वैज्ञानिक अनुसंधान की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रयोगशालाओं में होने वाले शोध को व्यावहारिक उपयोग में लाना विज्ञान की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने विद्यार्थियों को जिज्ञासु बनने, सवाल पूछने और वास्तविक औद्योगिक समस्याओं के समाधान में अनुसंधान के महत्व को समझने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर वैज्ञानिक-जी एवं आईएमडीसी के प्रमुख डॉ. के. गोपाल कृष्णा ने विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के दैनिक जीवन में महत्व को समझाते हुए विभिन्न व्यावहारिक उदाहरण प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक सिद्धांतों और तकनीकी नवाचारों का उपयोग किस प्रकार रोजमर्रा की गतिविधियों को बेहतर बनाने के साथ-साथ औद्योगिक विकास में योगदान देता है।
इसके बाद वैज्ञानिक-ई डॉ. अनिमेष जाना ने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) और देशभर में फैले इसकी विभिन्न प्रयोगशालाओं के नेटवर्क की जानकारी दी। उन्होंने सीएसआईआर की प्रयोगशालाओं में संचालित विविध अनुसंधान गतिविधियों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। साथ ही, सीएसआईआर-एनएमएल में हो रहे शोध कार्यों और विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के क्षेत्र में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला।
प्रयोगशालाओं का भ्रमण कर समझी शोध की प्रक्रिया
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण विद्यार्थियों का सीएसआईआर-एनएमएल की विभिन्न प्रयोगशालाओं और अनुसंधान सुविधाओं का भ्रमण रहा। इस दौरान विद्यार्थियों को वैज्ञानिकों से सीधे संवाद करने तथा अनुसंधान की प्रक्रिया और उसके व्यावहारिक पहलुओं को करीब से समझने का अवसर मिला। कक्षा में पढ़े जाने वाले वैज्ञानिक सिद्धांतों को प्रयोगशाला में देखने और समझने से विद्यार्थियों को विज्ञान की उपयोगिता का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ।
भ्रमण के बाद डॉ. के. गोपाल कृष्णा की ओर से विज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी वैज्ञानिक जानकारी तथा समझ का प्रदर्शन किया।
विज्ञान के प्रति बढ़ी विद्यार्थियों की रुचि
कार्यक्रम में शामिल विद्यार्थियों एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं ने वैज्ञानिकों से बातचीत करने और अनुसंधान गतिविधियों को प्रत्यक्ष रूप से देखने के अवसर की सराहना की। जिज्ञासा कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान की दुनिया को नजदीक से जानने, नई जानकारियां हासिल करने और भविष्य में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में करियर की संभावनाओं को तलाशने के लिए प्रोत्साहन मिला।
इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने, सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने और शोध एवं नवाचार के प्रति रुचि बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
