मानगो नगर निगम के चुनाव में मेयर पद की उम्मीदवार व कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने वाली जेबा खान कांग्रेस से निष्कासित होने के बाद सोमवार को काफी भावुक दिखी. उन्होंने फूट-फूट कर रोते कहा कि पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता के दबाव मेें झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने उन्हें (जेबा खान) को पार्टी से निष्कासित किया है क्योंकि बन्ना गुप्ता खुद, अपने भाई, पत्नी के अलावा किसी को आगे बढऩे नहीं देना चाहते हैं. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के साथ बन्ना गुप्ता की फोटो मीडिया को दिखाते हुए कहा कि उनका एक पैर भले ही कांग्रेस में सत्ता की लालच में है लेकिन दूसरा पैर व दिल भारतीय जनता पार्टी में है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह बन्ना गुप्ता ने उन्हें पार्टी से निष्कासित करा कर उनके राजनीति कैरियर को चौपट करने का प्रयास किया है, मानगो की जनता मेयर के चुनाव में अब बन्ना गुप्ता को सबक सिखायेगी। मानगो नगर निगम में मेयर पद की उम्मीदवार जेबा खान ने सोमवार को आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि जब उन्होंने नामांकन किया था तभी से उनपर नाम वापसी का दबाव बनाया जा रहा था. जब उसमें सफल नहीं हुए तो अब बन्ना गुप्ता ने अपनी पत्नी को चुनाव में जिताने के लिए उन्हें पार्टी से निष्कासित कराया है. इस तरह से जेबा खान ने निष्कासित होने का आरोप बन्ना गुप्ता पर पूरी तरह से लगा दिया है. एक तरह से जेबा खान ने पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता को मेयर चुनाव में खुली चुनौती दे डाली है।
उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से कांग्रेस पार्टी की सच्ची सिपाही रही हैं. वे सांसद राहुल गांधी के साथ कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक पदयात्रा में शामिल रही हैं, जो बन्ना गुप्ता अभी तक की लाइफ मेंं पार्टी के लिए नहीं कर पायें हैं और आगे भी नहीं कर पायेंगे. उनका कहना है कि यदि कांग्रेस पार्टी का कोई सामान्य कार्यकर्ता भी चुनाव लड़ता, तो वे स्वयं उसका समर्थन करती, लेकिन बन्ना गुप्ता अपनी पत्नी सुधा गुप्ता को जबरन चुनाव मैदान में उतारा है. इससे यह साबित होता है कि बन्ना गुप्ता अपने दिल में मानगो की अन्य महिलाओं व जनता के लिए क्या भावना रखकर काम कर रहे।
