भारत की प्रमुख फूड डिलीवरी कंपनी स्विगी ने अपनी त्वरित सेवा ‘स्विगी बोल्ट’ के लिए १० मिनट की डिलीवरी के विज्ञापन को वापस लेने का निर्णय लिया है। यह कदम भारत सरकार के उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद उठाया गया है। प्राधिकरण ने चिंता व्यक्त की थी कि डिलीवरी पार्टनर्स पर समय का अत्यधिक दबाव उनकी सुरक्षा और यातायात नियमों के उल्लंघन का कारण बन सकता है। अब कंपनी अपने विज्ञापनों में “१० मिनट” के निश्चित समय के बजाय “मिनटों में डिलीवरी” जैसे शब्दों का उपयोग करेगी, ताकि ग्राहकों को भ्रमित होने से बचाया जा सके और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके।
इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य डिलीवरी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना और भ्रामक व्यावसायिक विज्ञापनों पर अंकुश लगाना है। सरकार का मानना है कि डिलीवरी का समय वास्तविक परिस्थितियों, जैसे यातायात और दूरी पर आधारित होना चाहिए, न कि किसी पूर्व-निर्धारित गारंटी पर। स्विगी ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी सेवाओं की गति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन अब वह विज्ञापनों में विशिष्ट समय सीमा का दावा नहीं करेगी। १४ जनवरी २०२६ को जारी यह आदेश अन्य ‘क्विक कॉमर्स’ कंपनियों के लिए भी एक कड़ा संदेश है कि उन्हें व्यापारिक लाभ के साथ-साथ सड़क सुरक्षा और नैतिक मानकों का ध्यान रखना अनिवार्य है।
