हाजीपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 से 1 1 तीन अक्टूबर को चोरी हुए छह माह के बच्चे को मुजफ्फरपुर रेल पुलिस ने बुधवार को समस्तीपुर जिले के शाहपुर पटोरी थाना क्षेत्र के चकसाहो से सकुशल बरामद करलिया। पुलिस नेइस मामले में वारदात के नर्स सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि मास्टरमाइंड डॉक्टर फरार है। गिरफ्तार आरोपितों में बच्चे को 3.5 लाख रुपये में खरीदने वाले चकसाहो के दंपती अनिल कुमार साह और गुड़िया देवी भी शामिल हैं, जो स्थानीय स्तर पर किराना दुकान चलाते हैं।
रेल एसपी बीना कुमारी ने बताया कि अनिल और गुड़िया 25 वर्षों से निःसंतान थे। बच्चा चोरी करने वाले अर्जुनराय और किरण देवी की निशानदेही पर पुलिस ने दंपती के घर से बच्चे को बरामद किया। इस सरगना गैंग में पटोरी स्थित एक अस्पताल की नर्स मुन्नी देर्वी औरलाइनर सोनू कुमार भी शामिल थे। मास्टरमाइंड डॉ. अविनाश कुमार और उसका सहयोगी प्रतीक अब भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए रेल थाना हाजीपुर, डीआईयू और पटोरीथानाकी टीम लगातार छापेमारीकर रही है। डीआईयू टीम को सफल कार्रवाई केलिए पुरस्कृत किया जाएगा।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राजः घटना वाली रात एक मजदूर दंपती अपने तीन बच्चों के साथ प्लेटफॉर्म पर सो रहा था। सुबह एक बच्चा गायब मिला। छहअक्टूबर को केस दर्ज होने के बादहाजीपुर रेलपुलिसनेसीसीटीवी फुटेज टेजखंगालकर खंगालकर पहले ही दिन आरोपी को पहचान लिया था। बच्चे की जान को खतरा न हो, इसलिए गोपनीय तरीके से आरोपी अर्जुन और किरण की तलाश जारी रही, जिसमें दो महीने लगे। पांच नवंबर को जांच डीआईयू को सौंपी गई। जांच में खुलासाहुआ कि मास्टरमाइंड डॉ. अविनाश ने सौदे में एक लाख रुपये लिए थे। अर्जुन को 1.20 लाख जबकि सोनू और किरण को 1.30 लाख रुपये मिले। पुलिस ने बताया कि आरोपी अर्जुन का पिता भी पहले बच्चा चोरी के मामले में जेल जा चुका है। गैंगपटना जंक्शन और आसपास के स्टेशनों पर भी सक्रिय रहा है।
