February 25, 2026
BIHAR

नेताजी सुभाष विश्वविद्यालीय में 16 से 23 फरवरी तक सात दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का मुख्य विषय था ‘शिक्षण उत्कृष्टता स्मार्ट कक्षाओं से डेटा-आधारित अनुसंधान तक’. इस शैक्षणिक पहल का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों व शोध उन्मुख दृष्टिकोण से सशक्त बनाना था. कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता की और नई तकनीकों के माध्यम से शिक्षण शोध को अधिक प्रभावी बनाने की जानकारी प्राप्त की।

यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डा. प्रभात कुमार पाणि के मार्गदर्शन और कुलसचिव नागेन्द्र सिंह के सहयोग से आयोजित किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मदनमोहन सिंह थे. उन्होंने कहा कि आज के समय में शिक्षा को पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़ाने की आवश्यकता है1 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आईसीटी का समावेश शिक्षा को नई दिशा दे रहा है। नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय अपने शिक्षकों को नवीनतम तकनीकों से सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है. प्रथम दिवस कक्षा वातावरण में एआई की भूमिका, दूसरे दिन शोध में एआई का उपयोग।

 चतुर्थ व पंचम दिवस विजुअल मीडिया के माध्यम से शिक्षण, छठे दिवस आईसीटी टूल्स का प्रभावी उपयोग विषय पर आईटी व सीएसई विभाग के सहायक प्राध्यापक विकास कुमार ने नेक्स्ट जेंन एजुकेशन हरनेसिंग आईसीटी टूल्स फॉर इफेक्टिव टीचिंग विषय पर सत्र लिया. सप्तम दिवस एआई टूल्स का पारंपरिक सॉफ्टवेयर में समावेश के बारे में विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. मो. मोजिब अशरफ ने पुराने सॉफ्टवेयर में नए एआई टूल्स का उपयोग विषय पर व्याख्यान दिया. उन्होंने बताया कि एआई के माध्यम से परीक्षा प्रणाली, मूल्यांकन प्रक्रिया, छात्र डाटा प्रबंधन को अधिक कुशल और सुरक्षित बनाया जा सकता।

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