January 19, 2026

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि देश का मतदाता आज भी सुशासन चाहता है, विकास चाहता है और विकास के साथ विरासत पर समान रूप से ध्यान देने वाली सरकार को पसंद करता है इसलिए वह भारतीय जनता पार्टी पर भरोसा कर रहा है। हालिया चुनाव परिणामों का एक स्पष्ट संदेश यह भी है कि देश कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को लगातार नकार रहा है। जिस मुंबई शहर में कांग्रेस का जन्म हुआ था, वहां आज वह चौथे या पांचवें स्थान की पार्टी बनकर रह गई है। जिस महाराष्ट्र में कांग्रेस ने वर्षों तक शासन किया, वहां वह पूरी तरह सिमट चुकी है। कांग्रेस देश का भरोसा खो चुकी है क्योंकि उसके पास विकास का कोई विकास का एजेंडा नहीं है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को दो दिवसीय असम दौरे के दौरान नागांव जिले के कालियाबोर में 6,950 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना की आधारशिला रखी और दो अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, केंद्रीय पोत परिवहन मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री पबित्रा मार्गेरिटा, असम सरकार में मंत्री अतुल बोरा, केशव महानता समेत तमाम लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि काजीरंगा आकर उन्हें अपनी पिछली यात्रा की याद आ गई। दो वर्ष पहले काजीरंगा में बिताए गए पल उनके जीवन के बहुत विशेष अनुभवों में शामिल हैं। उस दौरान उन्हें काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में रात्रि विश्राम का अवसर मिला था और अगली सुबह हाथी सफारी के दौरान उन्होंने क्षेत्र की सुंदरता को बहुत करीब से महसूस किया था। असम आकर उन्हें हमेशा एक अलग ही खुशी मिलती है।

प्रधानमंत्री ने बोडो समुदाय की बेटियों द्वारा प्रस्तुत बागुरुम्बा नृत्य की सराहना करते हुए कहा कि 10,000 से अधिक कलाकारों की इस प्रस्तुति ने नया कीर्तिमान बनाया है। बागुरुम्बा नृत्य की अनुभूति आंखों से उतर कर सीधे दिल में उतरती रही और असम के कलाकारों की मेहनत, तैयारी और तालमेल वास्तव में अद्भुत रहा। उन्होंने सभी कलाकारों को बधाई दी और देशभर के सोशल मीडिया इंफ़्लुएंसर्स की भी सराहना की, जिनके प्रयासों से बोडो परंपरा का यह नृत्य सामाजिक माध्यमों पर व्यापक रूप से छाया हुआ है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि टेलीविजन पर सुबह से ही बीती रात के कार्यक्रमों का प्रसारण हो रहा है, जिससे कार्यक्रम की भव्यता का अनुमान लगाया जा सकता है। पिछले वर्ष वे झुमरई महोत्सव में शामिल हुए थे और इस वर्ष माघ बिहू के अवसर पर आने का सौभाग्य मिला। एक महीने पहले वे विकास परियोजनाओं के लिए गुवाहाटी आए थे, जहां लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विस्तार के तहत नई टर्मिनल इमारत का उद्घाटन किया गया था और नामरूप में अमोनिया-यूरिया संयंत्र की आधारशिला रखी गई थी। ऐसे सभी अवसरों ने भाजपा सरकार के ‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र को और मजबूत किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि असम के इतिहास में कालियाबोर का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रहा है। यह काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का प्रवेश द्वार है और ऊपरी असम की संपर्क व्यवस्था का केंद्र भी है। इसी क्षेत्र से महायोद्धा लचित बोरफुकन ने मुगल आक्रमणकारियों को बाहर खदेड़ने की रणनीति बनाई थी और उनके नेतृत्व में असम के लोगों ने साहस, एकजुटता और दृढ़ संकल्प के साथ मुगल सेना को पराजित किया। यह केवल एक सैन्य विजय नहीं थी बल्कि असम के स्वाभिमान और आत्मविश्वास का जयघोष था। अहोम शासन काल से ही कालियाबोर का रणनीतिक महत्व रहा है और उन्हें खुशी है कि भाजपा सरकार में यह क्षेत्र विकास का अहम केंद्र बन रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भाजपा पूरे देश में लोगों की पहली पसंद बन चुकी है और बीते एक-डेढ़ वर्षों में पार्टी पर देश का भरोसा लगातार बढ़ा है। हाल ही में बिहार में हुए चुनाव में 20 वर्षों बाद भी जनता ने भाजपा को रिकॉर्ड मत और रिकॉर्ड सीटें दीं। महाराष्ट्र के बड़े शहरों में हुए महापौर और पार्षद चुनावों में मुंबई जैसे विश्व के सबसे बड़े नगर निगमों में से एक में पहली बार भाजपा को जनादेश मिला। यह जीत मुंबई में हुई है, लेकिन उसका उत्सव काजीरंगा में मनाया जा रहा है। महाराष्ट्र के अधिकांश शहरों की जनता ने भाजपा को सेवा का अवसर दिया है और दक्षिण में केरल की जनता ने भी भाजपा को ऐतिहासिक समर्थन दिया है, जहां पहली बार भाजपा का महापौर बना है और तिरुवनंतपुरम में पार्टी सेवा कर रही है। हालिया चुनाव परिणामों का जनादेश पूरी तरह स्पष्ट है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट अब विकास के हाशिए पर नहीं है, नॉर्थ ईस्ट अब दूर नहीं रहा बल्कि दिल के भी पास है और दिल्ली के भी पास है। लंबे समय तक यह धारणा बनी रही कि प्रकृति और प्रगति एक-दूसरे के विपरीत हैं लेकिन आज भारत दुनिया को दिखा रहा है कि दोनों साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं। जब प्रकृति सुरक्षित होती है, तो उसके साथ अवसर भी पैदा होते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में काजीरंगा में पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है, जिससे होमस्टे, गाइड सेवाएं, परिवहन, हस्तशिल्प और छोटे व्यवसायों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को आय के नए साधन मिले हैं। काजीरंगा केवल एक राष्ट्रीय उद्यान नहीं है बल्कि असम की आत्मा है और भारत की जैव-विविधता का एक अनमोल रत्न है। यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बाढ़ के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए कालियाबोर से नुमालीगढ़ तक लगभग 90 किलोमीटर लंबा गलियारा करीब 7,000 करोड़ रुपये के निवेश से बनाया जा रहा है, जिसमें 35 किलोमीटर लंबा ऊंचा खंड शामिल है, ताकि वाहन ऊपर से गुजर सकें और नीचे जानवरों की आवाजाही बाधित न हो। एक समय था जब काजीरंगा में एक सींग वाले गैंडों का अवैध शिकार असम के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया था। 2013-14 में दर्जनों गैंडे मारे गए थे। भाजपा सरकार ने इसे रोकने का संकल्प लिया, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया और वन विभाग को अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए। वन दुर्गा पहल के माध्यम से महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई गई, जिसके परिणामस्वरूप साल 2025 तक गैंडों के अवैध शिकार की कोई घटना दर्ज नहीं हुई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान असम को बहुत कम बजट मिलता था और नॉर्थ ईस्ट की सबसे बड़ी पीड़ा दूरी की रही है। दशकों तक यहां के लोगों को यह महसूस होता रहा कि देश का विकास कहीं और हो रहा है, जिससे भरोसा भी कमजोर पड़ा। भाजपा सरकार ने रोडवेज, रेलवे, एयरवेज और जलमार्ग के माध्यम से असम को जोड़ने का काम किया, जबकि कांग्रेस ने कभी इसकी परवाह नहीं की। कांग्रेस शासन में असम को लगभग 2,000 करोड़ रुपये का रेल बजट मिलता था, जिसे भाजपा सरकार ने बढ़ाकर लगभग 10,000 करोड़ रुपये सालाना कर दिया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि असम इस समय अपनी पहचान और संस्कृति को बचाने की बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है। जिस तरह असम में भाजपा सरकार घुसपैठ से निपट रही है, जंगलों और धार्मिक, सांस्कृतिक तथा ऐतिहासिक धरोहरों को अतिक्रमण से मुक्त करा रही है, उसकी व्यापक सराहना हो रही है। कांग्रेस ने केवल सत्ता और वोटों के लिए असम की धरती को घुसपैठियों के हवाले कर दिया। बिहार में भी कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने घुसपैठियों के समर्थन में गतिविधियां कीं लेकिन जनता ने उन्हें करारा जवाब दिया और अब असम की जनता भी ऐसा ही करेगी।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने सभा में आए कई युवाओं से संवाद किया, जो उनके चित्र हाथों में लिए खड़े थे। प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि वे अपने चित्र सुरक्षा कर्मियों को सौंप दें और चित्रों के पीछे अपना नाम और पता लिख दें, ताकि वे व्यक्तिगत रूप से पत्र भेजकर उनका आभार व्यक्त कर सकें।

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