दुनिया की अग्रणी एआई चिप निर्माता कंपनी एनवीडिया ने भारत सरकार से कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बुनियादी ढांचे में निवेश को तेजी से बढ़ाने का आह्वान किया है। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने हालिया केंद्रीय बजट में एआई के लिए की गई घोषणाओं की सराहना करते हुए इसे देश के लिए एक “बड़ा अवसर” करार दिया है। एनवीडिया का मानना है कि भारत अपनी विशाल डेटा संपदा और कुशल कार्यबल के दम पर वैश्विक एआई मानचित्र पर एक महाशक्ति बन सकता है, बशर्ते वह कंप्यूटिंग पावर और डेटा सेंटर्स के निर्माण में तेजी से निवेश करे।
एनवीडिया के अनुसार, भारत में ‘सॉवरेन एआई’ के निर्माण की अपार संभावनाएं हैं, जिससे देश अपना डेटा अपनी सीमाओं के भीतर सुरक्षित रखते हुए अपनी भाषाओं और संस्कृति के अनुरूप एआई मॉडल विकसित कर सकता है। कंपनी पहले से ही टाटा और रिलायंस जैसे बड़े भारतीय समूहों के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि देश में अत्याधुनिक सुपर कंप्यूटर स्थापित किए जा सकें। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि एआई न केवल तकनीकी क्षेत्र बल्कि स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा जैसे बुनियादी क्षेत्रों में भी १४० (एक सौ चालीस) करोड़ भारतीयों के जीवन को बेहतर बनाने में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।
