राष्ट्रीय कौशल विकास निगम अपनी प्रमुख पहल ‘सेंटर फॉर फ्यूचर स्किल्स’ का विस्तार करके भारत के उच्च शिक्षा और कौशल इकोसिस्टम को सशक्त बना रहा है। यह एक कैंपस-आधारित और तकनीक-एकीकृत मॉडल है, जिसे मुख्यधारा के डिग्री कार्यक्रमों में उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण, वैश्विक प्रमाणन और व्यावहारिक प्रोजेक्ट लर्निंग को शामिल करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस पहल का मुख्य लक्ष्य अगले दशक में शैक्षणिक पाठ्यक्रमों को वैश्विक उद्योग मानकों और उभरती प्रौद्योगिकियों के अनुरूप बनाकर लगभग १० लाख छात्रों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालना है।
एनएसडीसी के सीईओ अरुण कुमार पिल्लई के अनुसार, सीएफएस मॉडल एक संरचनात्मक बदलाव का प्रतीक है जो युवाओं को भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करता है। यह मॉडल पहले से ही देश के विभिन्न संस्थानों में सक्रिय है और इसके १२ परिचालन केंद्रों के माध्यम से ४३,००० से अधिक प्रशिक्षित उम्मीदवारों पर इसका व्यापक असर दिखाई दे रहा है। छात्रों को उनके शैक्षणिक सफर के दौरान ही उद्योग-संबंधित योग्यताओं से लैस करके यह पहल उनके करियर में ठोस सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
