सदर अस्पताल में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 10 जनवरी को नारायणा हॉस्पिटल, कोलकाता व ब्रह्मानंद नारायणा हॉस्पिटल, जमशेदपुर की ओर से थैलेसीमिया व सिकल सेल एनीमिया से पीडि़त बच्चों के इलाज के नि:शुल्क जांच व परामर्श शिविर का आयोजन किया जाएगा. इस शिविर में 12 वर्ष से कम आयु के थैलेसीमिया व सिकल सेल एनीमिया से पीडि़त बच्चों, उनके भाई बहन व उनके माता पिता का नि:शुल्क ह्यूमन ल्युकोसाइट एंटीजन टेस्ट किया जाएगा. यह जांच ऐसे बच्चों के इलाज ( बोन मेरो ट्रांसप्लांट ) का पहला चरण होता है।
जांच की प्रक्रिया के बाद, बोन मेरो ट्रांसप्लांट के लिए योग्य बच्चों का नारायणा हेल्थ की ओर से झारखंड सरकार एवं अन्य संस्थानों के सहयोग से निशुल्क बोन मेरो ट्रांसप्लांट किया जाएगा. सिविल सर्जन डा. साहिर पॉल ने कहा कि थैलेसीमिया एक रक्त विकार है जो बच्चों को माता-पिता से विरासत में मिलता है. ऐसी स्थिति में शरीर सामान्य से कम हीमोग्लोबिन बनाता है. हीमोग्लोबिन एक प्रोटीन है जो लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाता है व यह शरीर के सभी हिस्सों में ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करता है।
पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन न मिलने के कारण मरीज को मुख्य रूप से कमजोरी और सांस लेने की समस्या हो जाती है, इसमें पीडि़त बच्चों के शरीर में रक्त की भारी कमी होने लगती है जिसके कारण उसे बार-बार बाहरी खून चढ़ाने की आवश्यकता होती है. सदर अस्पताल के उपाधीक्षक सह शिशु रोग विशेषज्ञ डा. कमलेश कुमार प्रसाद ने कहा की इसका इलाज बोन मेरो ट्रांसप्लांट है व इस दिशा में जिला प्रशासन, पूर्वी सिंहभूम नारायणा हेल्थ के सहयोग से नि:शुल्क शिविर का आयोजन किया जाएगा।
