कुलपति प्रो. (डाॅ.) अंजिला गुप्ता के मार्गदर्शन में जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के सिदगोड़ा परिसर में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस 2026 के अवसर पर एक भव्य सास्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप कोल्हान विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त अंग्रेजी विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ डी. आर. एस. दयाल , मानविकी संकायाध्यक्ष डॉ. सुधीर साहु, कुलसचिव डॉ. सलोमी कुजूर ,समेत विभिन्न संकायों के विभागाध्यक्ष ने अपनी मातृभाषा से संबंधित अपने विचारों का साझा किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात् अतिथि के लिए सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें प्रोक्टर व रिसर्च डायरेक्टर डॉ. सुधीर साहु द्वारा मुख्य अतिथि डॉ० डी. आर. एस. दयाल के सम्मान में स्मृति चिन्ह एवं शाॅल देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद संस्कृत विभाग की दो छात्राओं ने ‘महिषासुरमर्दिनी स्तोत्रम’ पर प्रभावशाली नृत्य प्रस्तुति दी।तत्पश्चात् गणित विभाग के विभागाध्यक्ष एवं वित्त पदाधिकारी डॉ. जावेद अहमद ने मातृभाषा के समाज में अनगिनत महत्त्व को बताते हुए कहा कि जिस प्रकार एक माँ अपने बच्चे की थरथराते पैर को सहारा देकर चलना सिखाती है, ठीक उसी प्रकार हमारी मातृभाषा भी हमें समय-समय संभाल कर सही राह दिखाती है।
इसके बाद हिन्दी विभाग की वर्षापति एवं खुशी कुमारी द्वारा ‘शिव तांडव स्तोत्रम्’ की ओजस्वी प्रस्तुति दी गई। फिर विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. सलोमी कुजूर ने अपनी मातृभाषा कुडुख के प्रति अपनत्व के भाव को साझा किया। इसके पश्चात् सी.वी.सी. एवं केमिस्ट्री विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अन्नपूर्णा झा ने मैथिली भाषा में अपनी स्वरचित कविता प्रस्तुत कर, मैथिली के मिठास से कार्यक्रम में मधुरता घोल दी। बांग्ला विभाग की छात्राओं द्वारा रवींद्र संगीत पर भव्य नृत्य की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। फिर उर्दू विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रिजवाना परवीन ने अपनी मातृभाषा उर्दू में कई गज़ल प्रस्तुत की और उर्दू भाषा व साहित्य के महत्ता को प्रस्तुत किया। इसके बाद हिन्दी विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष डाॅ. पुष्पा कुमारी ने अपनी मातृभाषा में भोजपुरी में मधुरता से पूर्ण एक कविता के माध्यम से प्रस्तुत किया। इसके पश्चात् बॉटनी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रूपाली पात्रा ने अपनी मातृभाषा बांग्ला में अपने विचार को प्रस्तुत किया। फिर दर्शनशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष श्रीमती अमृता कुमारी द्वारा अपनी अद्वितीय प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए, बांग्ला भाषा में भजन एवं नागपुरी भाषा में गीत की प्रस्तुति कर, कार्यक्रम को मधुरता से भर दिया।
इसके पश्चात उर्दू विभाग की छात्रा फलक ज़रीन द्वारा सुरीली ग़ज़ल पेश की गई।इसके पश्चात् स्पोर्ट्स एवं कल्चर कमेटी के अध्यक्ष एवं संगीत विभाग अध्यक्ष डॉ. सनातन दीप द्वारा भोजपुरी एवं सम्बलपुरी संगीत की प्रस्तुति की गई जिससे कार्यक्रम को भावाविभोर कर दिया। इसके पश्चात् राजनीति शास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. सोनाली सिंह द्वारा पलायन के कारण मातृभाषा के विलुप्त होने के कारणों को बताया एवं भोजपुरी लोकसंस्कृति से संबंधित गीत की भी प्रस्तुति की। वाणिज्य विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. कामिनी कुमारी द्वारा जैनी भाषा में जैन धर्म से संबंधित नमोकार मंत्र को प्रस्तुत कर, समागार को आध्यात्मिक पक्ष की ओर ले गई। इसके पश्चात् केमिस्ट्री विभाग की शिक्षिका डॉ. अनामिका ने मातृभाषा ज्ञान प्राप्त करने की प्रथम सीढ़ी बताया। समारोह का समापन में अंग्रेज़ी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मनीषा टाईटस द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। जिसमें उन्होंने इस कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि डॉ.आर. एस. दयाल, प्रोक्टर व रिसर्च डायरेक्टर डॉ. सुधीर कुमार साहु, एवं कुलसचिव डॉ. सलोमी कुजूर, सभी विभागाध्यक्षों, शिक्षिकाओं एवं सभी छात्राओं के सहयोग किया।
