फिल्म तुम बिन, रॉ-वन मुल्क, आर्टिकल-14, थप्पड़, भीड़ जैसी फिल्मों को बनाने के बाद अब हाल में बनी बनी फिल्म अस्सी के निर्माता निर्देशक, लेखक अनुभव सिन्हा ने कहा कि वे पहली बार जमशेदपुर आएं हैं. उन्हें जमशेदपुर शहर काफी पसंद आया. उन्होंने कहा कि जमशेदपुर सुव्यवस्थति शहर है, साफ सफाई अच्छी है. वे कुछ लोगों से मिले भी यहां के लोग भी अच्छे हैं. उन्होंने कहा कि जमशेदपुर जैसी साफ सफाई देश के कम शहर में देखने के लिए निकले हैं। शुक्रवार को गोलमुरी स्थित मिराज सिनेमा हॉल में हाल में अपनी बनायी गई फिल्म अस्सी को प्रमोट करने पहुंचे फिल्म के निर्माता निर्देशक अनुभव सिन्हा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पर उन्हें फिल्मों की सीक्वल बनाना पसंद नहीं है।
उनका यही मानना है कि कोई भी फिल्म पहली बार में ही बेहतर होती है, सीक्वल उसकी जगह नहीं ले सकती. उन्होंने कहा कि वे इन दिनों ‘चल सिनेमा चलें’ मुहिम के तहत देश के 40 शहरों की ट्रिप पर हैं. वे कई शहर घूम चुके हैं. उन्होंने कहा कि देश के छोटे शहरों में फिल्मों को लेकर काफी क्रेज है। हर वर्ग के दर्शक है. निर्देशकों को छोटे शहरों की कहानियों को भी पर्दे पर उतारने की जरूरत है. अब ऐसा हो भी रहा है. फिल्म अस्सी देश में प्रतिदिन हो रहे रेप और रेप विक्टिम के संघर्ष पर बनी फिल्म है. हमें समाज की हकीकत को दिखाना होगा, फिल्म का भी यहीं मकसद है. उन्होंने कहा कि अगर लेखक और निर्देशक पूरे भारत में घूम ले तो कई विषय मिल जाएंगे, जिस पर फिल्में बनाई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि जब वे रांची पहुंचे तो उन्हें स्वतंत्रा आंदोलनकारी सिदो कान्हू के बारे में जानकारी मिली जब पहले उन्होंने इनका नाम भी नहीं सुना था. अब वे बिरसा मुंडा, सिदो कान्हू के बारे में पढ़ेंगे कि क्या है ऐसे स्वतंत्रता आंदोलनकारी का इतिहास. उन्होंने कहा कि अभिनेता आर. माधवन और फिल्म निर्देशख इम्तियाज अली उनके दोस्त है. उन्होंने कहा कि आज भी स्क्रीन पर फिल्म देखने का आनंद कुछ और है।
