February 3, 2026
tata salt

स्वास्थ्यवर्द्धक भोजन की बात होती है तो नमक को अक्सर खलनायक मान लिया जाता है। लेकिन इतना तय है कि ज़रूरत से अधिक सोडियम के सेवन से कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो सकती हैं। इसके अलावा, किस तरह के नमक का सेवन किया जाए यह समझना भी काफी पेचीदा हो सकता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि अब, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) सक्रियता से लोगों से नियमित रूप से इस्तेमाल किये जाने वाले नमक की जगह कम सोडियम युक्त नमक के विकल्प (LSSS) को अपनाने का आग्रह कर रहा है। डब्ल्यूएचओ का अनुमान है कि हर साल 19 लाख लोगों की मौत उच्च सोडियम के सेवन के कारण होती हैं। संगठन की सलाह है कि रोज़ाना 2 ग्राम से अधिक सोडियम का सेवन न किया जाए, जो लगभग 4.3 ग्राम की औसत वैश्विक खपत से काफी कम है। डब्ल्यूएचओ ने 2019 में सोडियम सेवन में 30% की कमी लाने के लिए तय अपने लक्ष्य वर्ष को 2025 से बढ़ाकर 2030 कर दिया।

‘नमक के विकल्प’ (कम सोडियम युक्त नमक) जैसे शब्दों से भ्रम में पड़ जाना स्वाभाविक है। सवाल है कि ‘अंतर क्या  है?’ इसका जवाब समझना स्वास्थ्य के बारे में सोच-समझ कर विकल्प चुनने के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, यह याद रखना ज़रूरी होगा है कि केवल किसी एक तरह का नमक अपना लेने से आपकी हर तरह की आहार संबंधी चिंता दूर नहीं हो जाएगी। कम सोडियम वाले नमक के विकल्प (LSSS) श्रेणी में जो नमक मुख्य रूप से मिलते हैं उनमें पोटेशियम युक्त नमक की बहुतायत है। इसका मुख्य लाभ यह है कि इसमें नियमित तौर पर उपयोग किये जाने वाले साधारण नमक में जो सोडियम क्लोराइड पाया जाता है उसकी मात्रा में काफी कम हो जाती है। सोडियम क्लोराइड के साथ-साथ पोटेशियम क्लोराइड वाला यह विकल्प खाने में नमक के आनंद को बरकरार रखने का अनूठा तरीका प्रदान करता है।

गौरतलब है कि अत्यधिक सोडियम सेवन से उच्च रक्तचाप होने की संभावना होती है, जिससे हृदय रोग, स्ट्रोक और गुर्दे की बीमारी का जोखिम बढ़ता है। नमक के विकल्प (कम सोडियम युक्त नमक) से उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) के जोखिम वाले या पहले से ही पीड़ित व्यक्तियों और आम तौर पर स्वस्थ दिखने वाले व्यक्तियों के लिए सहायक हो सकते हैं। साथ ही, नमक के विकल्प उन लोगों के लिए उपयुक्त नहीं हैं जिन्हें आहार में पोटेशियम लेना मना है और/या गुर्दे की बीमारी से पीड़ित हैं। इसलिए, लोगों को किसी भी नमक के विकल्प का सेवन करने से पहले अपनी बीमारी के आधार पर डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

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