भारतीय क्रिकेटर संजू सैमसन ने टी२०विश्व कप की ऐतिहासिक जीत के बाद अपने संघर्षों और भावनाओं को साझा करते हुए एक दिल छू लेने वाला खुलासा किया है। सैमसन ने स्वीकार किया कि करियर के एक कठिन दौर में उन्हें लगने लगा था कि विश्व कप जीतने का उनका सपना शायद कभी पूरा नहीं हो पाएगा। उन्होंने बताया कि टीम में जगह बनाने के लिए लंबे इंतजार और कई उतार-चढ़ावों ने उन्हें मानसिक रूप से थका दिया था, लेकिन इस खिताबी जीत ने उनके पिछले सभी दुखों और संघर्षों को सार्थक कर दिया है।
सैमसन ने टीम प्रबंधन और कप्तान के समर्थन की सराहना करते हुए कहा कि विश्व विजेता टीम का हिस्सा बनना उनके जीवन का सबसे गर्व का क्षण है। उन्होंने उन पलों को याद किया जब वे टीम से बाहर थे, लेकिन उन्होंने कभी अपनी मेहनत और उम्मीद नहीं छोड़ी। संजू के अनुसार, यह जीत केवल एक ट्रॉफी नहीं है, बल्कि उनकी वर्षों की तपस्या और धैर्य का इनाम है। उनके इस भावुक बयान ने सोशल मीडिया पर प्रशंसकों का दिल जीत लिया है, जो उनकी इस सफलता को उनकी अटूट प्रतिबद्धता का परिणाम मान रहे हैं।
