बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की एकीकृत 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के साक्षात्कार से पहले दस्तावेज सत्यापन में फर्जी महिला अभ्यर्थी को पकड़ा गया है। आयोग के अनुसार एक महिला अभ्यर्थी ने अपने मूल रोल नंबर व प्रवेश पत्र में छेड़छाड़ कर किसी अन्य चयनित महिला अभ्यर्थी के रोल नंबर का दुरुपयोग करते हुए दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया में शामिल होने का प्रयास किया। दस्तावेज सत्यापन के क्रम में संदेह होने पर जब दोनों के दस्तावेजों की गहन जांच की गई तो रोल नंबर और परीक्षा से संबंधित विवरणों में छेड़छाड़ की पुष्टि हुई। आयोग फर्जी अभ्यर्थी पर कार्रवाई करेगा।
वह आगामी परीक्षाओं में शामिल नहीं हो सकेगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले अभ्यर्थियों की अभ्यर्थिता तत्काल निरस्त कर दी जाती है।
लाटरी से होगा बोर्ड का चयन : आयोग के अनुसार साक्षात्कार प्रक्रिया में बदलाव किया है। अब साक्षात्कार में शामिल अभ्यर्थी खुद से लाटरी निकाल कर अपने साक्षात्कार बोर्ड का चयन करेंगे। साक्षात्कार बोर्ड के चयन के लिए नई व्यवस्था बुधवार से शुरू हुई
एकीकृत 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में प्रभावी की गई है। साफ्टवेयर के माध्यम से रैंडम तरीके
से साक्षात्कार बोर्ड का आवंटन किया जाता था। इसके बाद अभ्यर्थी पात्र में रखी गई पर्चियों में से एक को उठाकर उसे स्कैन करेंगे। इसके बाद उन्हें यह जानकारी प्राप्त होगी कि उन्हें किस साक्षात्कार बोर्ड में उपस्थित होना है। इस व्यवस्था में अभ्यर्थियों को साक्षात्कार प्रारंभ होने से कुछ समय पूर्व ही अपने बोर्ड की जानकारी मिलेगी।
21 जनवरी से शुरू हुए एकीकृत 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के साक्षात्कार में कुल 5,449 अभ्यर्थी शामिल होंगे। इसके माध्यम से 2027 रिक्त पदों पर बहाली की जाएगी।
