इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने विश्व कैंसर दिवस पर सभी लोगों को कैंसर के प्रति जागरुकता बढ़ाने, समय पर जांच कराने, समान व सुलभ उपचार कराने की अपील की. इस मौके पर आईएमए के सचिव डा. सौरव चौधरी ने कहा कि आज लोग अपना इलाज कराने के लिए झोलाछाप डॉक्टरों के पास भी पहुंच जाते हैं. उनेंने लोगों से अपील की कि ऐसे डॉक्टरों से अलर्ट रहें. खासकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी में अपना बहुमूल्य समय न बिताएं। साकची स्थित आईएमए भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में आईएमए के सचिव डा. सौरव चौधरी ने कहा कि आज स्वास्थ्य के लिए कैंसर एक गंभीर चुनौती है। लेकिन कई प्रकार के कैंसर की रोकथाम संभव है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि कैंसर की शुरुआत की लक्षण मिले तो तत्काल उपचार करायें जिससे उपचार किया जा सके. इस वर्ष की थीम ‘यूनाइटेड बॉय यूनिक’ हमें यह संदेश देती है कि प्रत्येक कैंसर रोगी की यात्रा अलग होती है व उपचार में संवेदनशीलता, सम्मान व व्यक्तिगत देखभल जरूरी है. इस मौके पर डॉक्टरों ने कहा कि कैंसर से बचान के लिए तम्बाकू व नशीले पदार्थ से दूर रहें, संतुलित आहार व व्यायाम करें. कैंसर की जांच के लिए स्क्रीनिंग करायें. उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध लक्षण को नजरअंदाज नहीं करें. इस मौके पर डा. राजीव ठाकुर ने कहा कि यदि स्कीन कैंसर भी बड़ी समस्या है. यदि किसी को शरीर में कहीं कोई मस्सा हो तो उसकी जांच करायें. डा. अमित कुमार ने कहा कि आज 20 प्रतिशत लोग कैंसर से ग्रसित शुरूआत में आते हैं जबकि 20 प्रतिशत गंभीर अवस्था में आते हैं।
उन्होंने कहा कि लोगों को चाहिए कि समय पर आएं. डा. कुंडू ने कहा कि एक वैक्सीन के दो डोज से 6 तरह के कैंसर से बचा जा सकता है. डॉक्टरों ने कहा कि कैंसर की दवाओं पर टैक्स कम होने से कैंसर ग्रसित लोगों को इलाज में राहत मिलेगी. उन्होंने केन्द्र सरकार के बजट में इस प्रस्ताव की सराहना करते हुए कहा कि आमलोगों को इसका फायदा मिलेगा. इस मौके पर आईएमए अध्यक्ष डा. जी सी मांझी, सचिव डा. सौरव चौधरी, डा. कुुंडू, डा. राजीव ठाकुर, डा. अमित समेत अन्य डॉक्टर मौजूद थे।
