मिसेज झारखंड 2025 अशिमा कुमार ने अपने दिवंगत पिता की पुण्यतिथि पर अपार संवेदनशीलता और मानव सेवा के भाव के साथ बेहतर प्रेरणादयक कदम उठया। इस मौके पर उन्होंने चेशायर होम पहुंच कर वहां पर रहने वाले विशेष बच्चों व लोगों के साथ समय बिताया।
उनसे बातचीत की. उन्होंने वहां पर रहने वाले लोगों को स्वादिष्ट भोजन कराया. उन्होंने बच्चों की जरूरतों को समझते हुए उन्हें उपयोगी वस्तुएं भी प्रदान की। उनके बीच काफी समय बिताया कर उन्होंने अपनापन का अनुभव कराया. इस मौके पर अशिमा कुमार ने कहा कि उनके पिता हमेशा कहते थे किसी की मुस्कान बनना सबसे बड़ा पुण्य है।
वे इन बच्चों के बीच रह कर उन्हें लग रहा है कि वे अपने पिता की सीख को आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि उनका यह कदम केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा है कि व्यक्तिगत रूप से मानव सेवा कर अपना सार्थक कदम बढ़ाया जाए।
