अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को तेल सप्लाई करने वाले देशों पर नेशनल इमरजेंसी टैरिफ लगाने का आदेश दिया है, जिससे हवाना और उसके इंटरनेशनल पार्टनर्स पर आर्थिक दबाव काफी बढ़ गया है। आदेश के अनुसार, क्यूबा को तेल एक्सपोर्ट करने वाले देशों को अमेरिका के साथ ट्रेड करते समय अतिरिक्त टैरिफ का सामना करना पड़ेगा। इस कदम का मकसद सिर्फ़ क्यूबा को नहीं, बल्कि बाहरी सप्लायर्स को टारगेट करके क्यूबा की एनर्जी सप्लाई चेन को बाधित करना है, जिससे आर्थिक दबाव का दायरा काफी बढ़ गया है।
इन टैरिफ से क्यूबा के तेल सप्लायर्स पर काफ़ी वित्तीय असर पड़ने की उम्मीद है, जिससे अमेरिकी बाज़ार तक उनकी पहुँच की लागत बढ़ जाएगी। ट्रेड पेनल्टी को सीधे तेल शिपमेंट से जोड़कर, इस कदम का मकसद क्यूबा को लगातार एनर्जी एक्सपोर्ट करने से रोकना है। यह फ़ैसला क्यूबा के प्रति एक सख़्त रवैया दिखाता है, जिसमें नेशनल इमरजेंसी फ्रेमवर्क के तहत ट्रेड प्रतिबंधों का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। यह कैरेबियन देश से जुड़ी विदेश नीति के नतीजों को प्रभावित करने के लिए आर्थिक उपायों को तेज़ करने की इच्छा का संकेत देता है।
इस आदेश ने क्यूबा के साथ तेल व्यापार में लगे देशों के लिए अनिश्चितता की एक नई परत जोड़ दी है, क्योंकि अब उन्हें हवाना को सप्लाई बनाए रखने या संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ उच्च व्यापार लागत को सहन करने के बीच चुनाव करना होगा।
